फोटोग्राफी और कॉपीराइट अधिनियम

फोटोग्राफी और कॉपीराइट अधिनियम

डिजिटल फोटोग्राफी आने के बाद से ही फोटो चोरी की घटनाएं बढ़ गयी थी और फिर सोशल मीडिया के आने के बाद तो हर फोटोग्राफर के साथ कम से कम एक बार तो फोटो चोरी होने की घटना हुई ही है | हम सबको ये तो जानकारी है के कॉपीराइट अधिनियम के तहत हम कार्रवाही कर सकते हैं लेकिन कहाँ और कैसे ये नहीं मालूम है | इन्ही सब विषयों को विस्तार पूर्वक समझने के लिए हमने बात की  इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स  एक्सपर्ट  एडवोकेट श्रीमती पल्लवी नंदा कनमणिकर से |

 

1. कॉपी राईट अधिनियम क्या है ? क्या फोटोग्राफर्स द्वारा  लिए गए फोटो इस अधिनियम के अंतर्गत आते हैं ?

कॉपीराइट अधिनियम साहित्य, नाटक, संगीत, कला, चलचित्र फिल्मों और ध्वनि रिकॉर्डिंग के क्षेत्र में मूल काम के रचनाकारों के लिए कुछ कानूनी अधिकार प्रदान करता है जो बौद्धिक संपदा कानूनों का एक हिस्सा है।यह अधिकार निर्माताओं को दी जाती है ताकि वे अपने काम का उपयोग अपने लाभ के लिए कर सकें।फोटो कॉपीराइट अधिनियम के तहत ‘कलात्मक काम’ के प्रमुख के अंतर्गत आते हैं और अधिक विशेष अधिनियम की धारा 2 (एस) के तहत परिभाषित कर रहे हैं।

2. कॉपी राईट एक्ट या अधिनियम के अंतर्गत फोटोज रजिस्टर करवाना पड़ते हैं या स्वतः ही फोटो कॉपी राईट हो जाते हैं ? अगर रजिस्टर करवाना पड़ता है तो उसके लिए किन कानूनी औपचारिकताओं की ज़रुरत पड़ती है ? क्या कॉपीराइट रजिस्टर करवाना आवश्यक होता है ?

नहीं, कॉपीराइट पंजीकरण भारत में अनिवार्य नहीं है। कॉपीराइट स्वचालित है और पंजीकरण वैकल्पिक है। अपने कॉपीराइट दाखिल करने के लिए आवेदन पत्र www.copyright.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है और उसके बाद सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों के साथ नई दिल्ली में कॉपीराइट के रजिस्ट्रार को भेज दिया जा सकता है।

3. कॉपी राईट और पेटेंट में क्या अंतर है ?

कॉपीराइट और पेटेंट में सबसे बड़ा अंतर ये है की कॉपीराइट सिर्फ उन्ही चीज़ो का हो सकता है जिन्हे हम देख या छु सकते है. किसी भी आईडिया का कॉपीराइट नहीं हो सक्त।आईडिया का पेटेंट हो सकता है, अगर वो किसी ऐसी चीज़ के बारे में हो जो न पहले कभी देखि या सुनी गयी है. पेटेंट सिर्फ मूल अविष्कार का ही हो सकता है।उदहारण के दौर पे : अगर दो लोगों ने माउंट एवेरेस्ट का फोटो लिया, तो वह दोनों फोटोज को अलग अलग कॉपीराइट मिलती है। पर अगर दो लोगों ने कांच बनाने का तरीका निकला, तो सिर्फ उसीको पेटेंट मिलेगा, जिसने पहले ये तरीका निकला होगा, और जिसका तरीका अदुनिक हो।

4. कॉपीराइट कब तक मान्य होता है ?

भारत में कॉपीराइट एक्ट के सेक्शन २२ के अंतर्गत मूल निर्माता  के देहांत के ६० वर्ष तक कॉपीराइट मान्य रहता है।फोटोग्राफ्स पे कॉपीराइट सेक्शन २५ के अंतर्गत फोटो पब्लिश होने के बाद से ६० साल तक मान्य रहता है।

5. क्या फोटो का कॉपीराइट ट्रान्सफर किया जा सकता है ? अगर हाँ तो कब और किन परिस्तिथियों में ?

फोटो का कॉपीराइट लाइसेंस या असाइनमेंट द्वारा ट्रांफर किया जा सकता है। कॉपीराइट एक्ट के सेक्शन १८ – २० के अनतर्गत कॉपीराइट असाइन किया जा सकता है और सेक्शन ३० – ३२भ के अंतर्गत कॉपीराइट को लाइसेंस किया जा सकता है।लाइसेंस या असाइनमेंट के क़ानूनी कॉन्ट्रैक्ट बनते है और कॉन्ट्रैक्ट के दोनों पार्टियों द्वारा उसके नियम और शर्ते तय की जाती है।

6. फेसबुक और इन्टरनेट के आने के बाद अक्सर लोग शिकायत करते हैं के उनके द्वारा अपलोड किया गया फोटो किसी और ने उनका कॉपी राईट वॉटरमार्क हटाकर अपने नाम से अपना कोई वॉटरमार्क लगाकर शेयर कर दिया है, अगर कोई ऐसा करता है तो पीड़ित फोटोग्राफर को क्या करना चाहिए ? क्या यह फेसबुक के नियमो का भी उल्लंघन है ? और क्या ये साइबर क्राइम है ?

फेसबुक पर हो या इंटरनेट के किसी भी वेबसाइट पर अगर आपको आपके द्वारा लिए गए तस्वीर, आपके अनुमति के बगैर, दिखती है तो वो अपराध है।  इसको कॉपीराइट इंफ्रिंजमेंट या कॉपीराइट का उल्लंघन केहेते है।  जिस किसी ने भी आपके द्वारा ली गयी तस्वीर अपने उपयोग के लिए, आपके इजाज़त के बिना इस्तेमाल की हो, वह अपराधी है।   आप उनके खिलाफ एक्शन ले सकते है।   आप उनको नोटिस दे सकते है की वे आपके तस्वीर का इस्तेमाल बंद करें और आपको उसका जुरमाना भी मिल सकता है।  फेसबुक पे होनी वाली ऐसी किसी भी घटना को आप फेसबुक के ‘रिपोर्ट अ प्रॉब्लम’ के टैग पे जाके बता सकते है।   वह तुरंत इसके विरुद्ध एक्शन लेंगे।इंटरनेट पर होने वाला कोई भी अपराध साइबर क्राइम के दायरे में आता है।

 

7. क्या भारत के कॉपी राईट अधिनियम और अंतर राष्ट्रीय कानून सामान हैं ? और क्या भारत में कॉपीराइट किया हुआ फोटो विदेशों में भी इस अधिनियम या कानून के तहत सुरक्षा प्राप्त है ?

भारत में कॉपीराइट की हुई तस्वीर को १६६ विदेशी देशो में सुरक्षा मिलती है।  ये सारे देश बर्न कन्वेंशन के तहत कॉपीराइट सुरक्षा प्रदान करते है।  भारत का कॉपीराइट अधिनियम बर्न कन्वेंशन अवांग रोम कन्वेंशन के सारे ज़रूरी नियमो का पालन करता है और भारतीय नागरियोंको उसका फायदा देता है।

8. अगर कॉपीराइट नियम का उल्लंघन करके अगर किसी का कोई फोटो ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन चोरी होता है तो कानून के अंतर्गत उसको क्या कार्यवाही करना चाहिए ? क्या आप हमें इस प्रक्रिया को विस्तार पूर्वक समझायेंगी ?

और अगर किसी फोटोग्राफर को पता चलता है के उसका फोटो चोरी हुवा है तो उस फोटोग्राफर को किन किन चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए ?अगर आपको लगता है की आपके द्वारा ली गयी तस्वीर ऑनलाइन या ऑफलाइन चोरी हुआ है तो आपको तुरंत उस वेबसाइट या पेज का स्क्रीन शॉट आपने पास सुरक्षित कर लेना चाहिए। ये आपका सबसे महत्वपूर्ण सबूत बन जाता है। सारे सबूत इकठा करने के बाद आप अपने वकील के द्वारा आपका कॉपीराइट उल्लंघन करने वाले को नोटिस भेज सकते है। अगर नोटिस देने के बावजूद भी वह आपके तस्वीर इस्तेमाल करना बंद नहीं करता, तो आप आपके शहर के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में उनके खिलाफ केस दायर कर सकते है। अगर आप नोटिस द्वारा अवांग कोर्ट के बहार उल्लंघन करता से समझोता करलेते है, तो वह आपके लिए फायदेमंद रहता है।

9. इस सबके अलावा कॉपी राईट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कानूनों और फोटोग्राफी सम्बंधित किसी और पहेलु पर कुछ और सलाह देना चाहेंगी ?

कॉपीराइट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का निर्माण सभी लोगों के फायदे के लिए बनाया गया है। हमे इसका उपयोग हमारे फायदे के लिए करना चाहिए। अदालत आपको मदत करने के लिए है। इससे डरने की आवशयकता नहीं है। आप जितने काम नियम अनुसार करेंगे, उतना ही आपको फायदा मिलेगा। आज की दुनिया में आपको आपके अधिकार जान्ने बहुत ज़रूरी है। जागृत रहें ताकि कोई आपका गलत फायदा ना उठा सके।

उपरोक्त जानकारी हमें इंदौर शहर की कॉपीराइट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स  एक्सपर्ट  एडवोकेट श्रीमती पल्लवी नंदा कनमणिकर ने दी |

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